मध्य पूर्व

ईरान के तेल निर्यात पर अमेरिकी नाकेबंदी: संभावित आंतरिक परिणाम

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का लक्ष्य आंतरिक विभाजन और आर्थिक पतन है। उन्होंने अमेरिका पर आर्थिक दबाव का उपयोग कर ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया।

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ईरान — इख़बारी समाचार एजेंसी

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबफ़ ने बुधवार को कहा कि उनके देश पर लगाए गए अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का उद्देश्य आंतरिक विभाजन को भड़काना और "हमें भीतर से पतन की ओर धकेलना" है। यह टिप्पणी ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रहे तनाव के बीच आई है।

आर्थिक दबाव और राष्ट्रीय विभाजन के आरोप

ईरानी सरकारी टेलीविजन ने ग़ालिबफ़ के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प "देश को दो खेमों में बांटने की कोशिश कर रहे हैं: कट्टरपंथी और उदारवादी।" उन्होंने आगे कहा कि ट्रम्प "ईरान को आर्थिक दबाव के माध्यम से आत्मसमर्पण करने और आंतरिक विभाजन को भड़काने के लिए नौसैनिक नाकेबंदी के बारे में स्पष्ट रूप से बात करते हैं।" ये बयान इस बात पर जोर देते हैं कि ईरान को चिंता है कि अमेरिकी प्रतिबंध देश को आंतरिक रूप से अस्थिर करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

तेहरान-वाशिंगटन तनाव का संदर्भ

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लंबे समय से गंभीर तनाव के दौर से गुजरे हैं, खासकर 2018 में वाशिंगटन के ईरानी परमाणु समझौते से हटने और आर्थिक प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के बाद। तेहरान इन उपायों को अपने व्यवहार या यहां तक कि अपने शासन को बदलने के उद्देश्य से अधिकतम दबाव अभियान का हिस्सा मानता है, जबकि वाशिंगटन का दावा है कि उसका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने और क्षेत्र में सशस्त्र समूहों का समर्थन करने से रोकना है।

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